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यहाँ क्लिक करेंMaharashtra Nagpur winter session: महाराष्ट्र विधानसभा में विपक्ष के नेता के पद पर विवाद चरम पर पहुंच गया है. यह पद महीनों से खाली पड़ा है. विधानमंडल के शीतकालीन सत्र में इसको लेकर सियासत तेज हो गई. विधानमंडल के दोनों सदनों में पिछले एक साल से विपक्ष के नेता के पद खाली हैं. . यह भी कहा जा रहा है कि विपक्ष के नेता पद के लिए महाविकास अघाड़ी से भी एक नाम पर चर्चा हो रही है.महाराष्ट्र में विधानसभा और विधान परिषद में विपक्ष के नेता के पद पिछले एक साल से खाली हैं. MVA के नेता विजय वडेट्टीवार ने कहा कि ये दोनों पद संवैधानिक हैं. इन्हें खाली रखकर सत्तारूढ़ दल संविधान के प्रति अविश्वास दिखा रहा है.
विधान परिषद के सभापति राम शिंदे ने इस बारे में स्पष्टीकरण दिया है. राम शिंदे ने कहा कि लोकतंत्र में सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ही महत्वपूर्ण हैं और इस पर सही समय पर फैसला लिया जाएगा. CM देवेंद्र फडणवीस ने इस दौरान विपक्ष की आलोचना का जवाब दिया. उन्होंने कहा कि विपक्षी नेताओं का फैसला पूरी तरह से विधानसभा अध्यक्ष के हाथ में होगा.
वहीं, इस बीच कहा जा रहा है कि विधायक आदित्य ठाकरे इस समय विपक्ष के नेता पद के लिए चर्चा में हैं. उद्धव ठाकरे खुद आदित्य ठाकरे को यह पद दिलाने की कोशिश में हैं. इसके लिए उनके CM फडणवीस से मिलने की संभावना है. आदित्य ठाकरे इस समय गुट के नेता हैं.
2024 के विधानसभा चुनावों में विपक्ष के नेता के पद का दावा करने के लिए किसी पार्टी के पास 288 सीटों वाली विधानसभा में कुल सीटों का कम से कम 10% (यानी 29 विधायक) होना चाहिए. महाविकास अघाड़ी (कांग्रेस, शिवसेना UBT, NCP-SP) के पास कुल 46 विधायक हैं, लेकिन नियमों के मुताबिक किसी एक पार्टी को 29 यानी 10 फीसदी विधायक विधायक होने चाहिए. विपक्ष संयुक्त रूप से दावा कर रहा है, लेकिन फैसला स्पीकर राहुल नार्वेकर पर निर्भर है.
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