कृष्ण कुमार सैनी, चंडीगढ़। गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय (GJU – Guru Jambheshwar University) से जुड़े विवाद ने अब नया मोड़ ले लिया है, जहां पूर्व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने हरियाणा पुलिस के शीर्ष स्तर पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
चंडीगढ़ में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दुष्यंत चौटाला ने दावा किया कि उन्होंने हरियाणा के पुलिस महानिदेशक (DGP – Director General of Police) अजय सिंघल से संपर्क करने की कई बार कोशिश की, लेकिन उन्हें न तो फोन का जवाब मिला और न ही मैसेज का, बल्कि उनका आरोप है कि उनका नंबर तक ब्लॉक कर दिया गया।
दुष्यंत चौटाला ने कहा कि वे पिछले कुछ दिनों से लगातार डीजीपी से बात करना चाह रहे थे, ताकि GJU मामले में स्थिति स्पष्ट हो सके, लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली।
उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम को गंभीर बताते हुए पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए और कहा कि यदि जनप्रतिनिधियों के साथ इस तरह का व्यवहार हो रहा है, तो आम लोगों की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है।
हालांकि, इस आरोप पर अब तक हरियाणा पुलिस या डीजीपी की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, जिससे मामला एकतरफा बयान के तौर पर ही देखा जा रहा है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में दुष्यंत चौटाला ने पूर्व DGP शत्रुजीत कपूर का जिक्र करते हुए कहा कि वे कम से कम फोन उठाकर संवाद बनाए रखते थे, जबकि मौजूदा हालात में संवादहीनता (Lack of Communication – संवाद की कमी) देखने को मिल रही है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि GJU मामले में उनकी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं पर दर्ज मामलों को वे अदालत में चुनौती देंगे और इस पूरे प्रकरण को कानूनी तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा।

इस बयान के बाद GJU मामला अब प्रशासनिक और राजनीतिक टकराव का रूप लेता दिख रहा है, जहां एक ओर आरोप-प्रत्यारोप तेज हो रहे हैं, वहीं दूसरी ओर आधिकारिक पक्ष आना अभी बाकी है.
- प्रीति सुसाइड केस: पति पर दूसरी लड़की से संबंधों का आरोप, सालगिरह के 10 दिन बाद संदिग्ध मौत ने उलझाया मामला
- अवैध संबंध का राज खुलने के डर से मां ने रची 11 साल की बेटी की हत्या की साजिश, प्रेमी गिरफ्तार
- सीएम धामी ने लैंड पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया के साथ की बैठक, कार्यों को पूरा करने का दिया निर्देश
- नशे के सौदागरों के खिलाफ पुलिस का एक्शन: 22 करोड़ की संपत्ति जब्त, इस तरह खड़ा किया था करोड़ो का साम्राज्य
- चंडीगढ़ में ट्रैफिक नियमों की अनदेखी पड़ी भारी, 3.5 महीने में वसूला 9 करोड़ रुपये से ज्यादा का जुर्माना

